श्रद्धांजलि: उत्तराखंड ने खोया अपना अनुशासित योद्धा
पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बी.सी. खंडूड़ी का निधन
देहरादून:
उत्तराखंड की राजनीति के पुरोधा, सुशासन के प्रणेता और भारतीय सेना के जांबाज पूर्व सैनिक, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेवानिवृत्त) का आज 19 मई 2026 की सुबह निधन हो गया। 91 वर्ष की आयु में देहरादून के मैक्स अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है।
सुशासन और भू-कानून के रक्षक
मेजर जनरल खंडूड़ी का नाम उत्तराखंड में ‘विकास और पारदर्शिता’ के पर्याय के रूप में लिया जाता है। उनके मुख्यमंत्री काल (2007-2009) के दौरान लिए गए निर्णय आज भी मिसाल माने जाते हैं। उन्होंने राज्य की मूल पहचान और कृषि भूमि को सुरक्षित रखने के लिए बाहरी लोगों द्वारा भूमि खरीद की सीमा को 500 वर्ग मीटर से घटाकर 250 वर्ग मीटर करने का ऐतिहासिक साहसिक कदम उठाया था। उनका प्रशासनिक अनुशासन और स्पष्टवादिता उन्हें अन्य राजनेताओं से अलग खड़ा करती थी।
मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने जताया शोक
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी:
“खंडूड़ी जी का जाना केवल एक राजनेता का जाना नहीं, बल्कि एक युग का अंत है। सेना में राष्ट्र सेवा हो या सार्वजनिक जीवन में सुशासन, उन्होंने हर जगह समर्पण की मिसाल पेश की। ईश्वर उनकी पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।”
विधानसभा अध्यक्ष:
“मेजर जनरल खंडूड़ी जी की सादगी और उनकी कार्यकुशलता हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगी। उनका निधन राज्य और राष्ट्रीय राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है।”
वरिष्ठ पत्रकार और सहयोगी:
“वे एक ऐसे नेता थे जिन्होंने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। ‘खंडूड़ी जी’ के जाने से उत्तराखंड ने अपना एक अभिभावक खो दिया है।”
पूरा उत्तराखंड आज उनके योगदान को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है।



