🚨 BREAKING NEWS: देहरादून के मोकमपुर फ्लाईओवर पर गैस रिसाव से हड़कंप!
तेज़ दबाव के साथ टैंकर से निकली गैस, चिंगारी से हो सकता था विस्फोट

देहरादून, 27 मार्च 2026: राजधानी के मोकमपुर फ्लाईओवर पर आज रात 8:00 बजे एक गैस टैंकर में हुए भारी रिसाव से हड़कंप मच गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत ट्रैफिक रुकवा दिया है।
विशेष संवाददाता प्रेम पडियार की ग्राउंड रिपोर्ट:
ग्राउंड ज़ीरो पर तैनात प्रेम पडियार ने दिखाया कि कैसे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुँचकर मोर्चा संभाल रही हैं। उन्होंने बताया कि:
- फायर ब्रिगेड की एंट्री: देहरादून अग्निशमन सेवा की गाड़ियाँ सायरन बजाती हुई घटनास्थल पर पहुँच चुकी हैं और फायर फाइटर्स गैस के प्रभाव को कम करने की कोशिश में जुटे हैं।
- ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई: इस घटना के कारण पिछले 1.5 से 2 घंटों से यातायात पूरी तरह बाधित है। पुलिस प्रशासन स्थिति को बहाल करने में लगा है।
सिस्टम और ट्रेनिंग पर बड़ा प्रहार:
अपनी रिपोर्टिंग के दौरान प्रेम पडियार ने एक बहुत ही कड़ा और वाजिब सवाल उठाया है:
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- धीमा सिस्टम: “दुर्घटनाओं के मामले में हमारा सिस्टम अभी भी काफी पीछे है।” प्रेम पडियार ने कहा कि ऐसी आपात स्थितियों में रिस्पांस टाइम और भी बेहतर होना चाहिए।
- ड्राइवर की भूमिका: रिपोर्ट में बताया गया कि टैंकर के ड्राइवर और हेल्पर ने अपनी जान बचाने के लिए गाड़ी छोड़कर किनारे होना ही बेहतर समझा, क्योंकि उनके पास ऐसी स्थिति से निपटने की कोई ट्रेनिंग नहीं थी।
- पैनिक बटन का सच: “पैनिक बटन दबाने और 2 मिनट में कार्रवाई होने की बात सिर्फ कागजों पर दिखती है, हकीकत में यहाँ पैनिक जैसी कोई त्वरित व्यवस्था नहीं दिखी।”
- भयानक मंजर: टैंकर से निकल रही गैस का प्रेशर इतना अधिक है कि उसकी गूँज दूर-दूर तक सुनाई दे रही है।
- सुरक्षा पहले: प्रेम पडियार ने दिखाया कि कैसे इस गैस रिसाव के कारण पूरे फ्लाईओवर पर गाड़ियों के पहिए थम गए हैं और लोग डरे हुए हैं।
बड़ी मांग: कंपनियों को लेनी होगी जिम्मेदारी
इस घटना के बाद प्रेम पडियार और UK Cyber News प्रशासन व संबंधित कंपनियों से यह मांग करते हैं कि:
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- अनिवार्य ट्रेनिंग: इस प्रकार के खतरनाक गैस वाहन चलाने वाले ड्राइवर और हेल्पर को आपातकालीन स्थिति (Emergency Handling) की विशेष ट्रेनिंग दी जाए।
- सुरक्षा ड्रिल: कंपनियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके कर्मचारी जानते हों कि रिसाव की स्थिति में वाल्व कैसे बंद करना है या जान-माल की हानि को कैसे रोकना है।
- गंभीर खतरा: चूंकि इन वाहनों में अति-ज्वलनशील गैस होती है, इसलिए ड्राइवर की एक छोटी सी ट्रेनिंग किसी बड़ी अनिश्चित घटना या विकराल हादसे को टालने में रामबाण साबित हो सकती है।
जब तक ड्राइवर और स्टाफ पूरी तरह प्रशिक्षित नहीं होंगे, तब तक सड़कों पर ऐसे ‘चलता-फिरता बम’ आम जनता की जान के लिए खतरा बने रहेंगे। — प्रेम पडियार, विशेष संवाददाता
सावधानी: प्रशासन ने मोकमपुर फ्लाईओवर की ओर आने वाले ट्रैफिक को डाइवर्ट कर दिया है। सुरक्षित रहें।



