बेइज्जती करके डिग्री देने का शुक्रिया! आखिर क्यों छात्रा को मंच से ये कहना पड़ा?
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ HJU की छात्रा का गुस्सा, दीक्षांत समारोह में भारी हंगामा

सोशल मीडिया डेस्क। Uk cyber news:
कल से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने शिक्षा जगत और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला राजस्थान की एकमात्र सरकारी पत्रकारिता यूनिवर्सिटी, हरिदेव जोशी यूनिवर्सिटी (HJU) के दीक्षांत समारोह का है, जहाँ एक छात्रा के साहस ने पूरे प्रशासन को आईना दिखा दिया।
सम्मान नहीं, अपमान मिला
वीडियो में दिख रही छात्रा, सारा, ने मंच पर जाकर जो कहा, उसने वहां मौजूद सभी लोगों को सन्न कर दिया। सारा सिर्फ अपनी उस डिग्री को लेने पहुंची थीं जिसके लिए उन्होंने 3 साल कड़ी मेहनत की, समय पर फीस भरी और परीक्षाएं दीं। लेकिन आरोप है कि प्रशासन ने साधारण छात्रों को डिग्री देने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई और कार्यक्रम को बीच में ही समेटने की कोशिश की।
सोशल मीडिया पर क्यों मचा है बवाल?
फेसबुक पर साझा की जा रही जानकारी के अनुसार, विवाद की मुख्य वजहें ये रहीं:
- अभिभावकों का अपमान: छात्र देशभर और राजस्थान के दूर-दराज इलाकों से अपने माता-पिता को लेकर आए थे ताकि वे अपनी संतान की सफलता के साक्षी बन सकें। लेकिन प्रशासन और अतिथियों के पास इन छात्रों के लिए 15 मिनट का समय भी नहीं था।
- अधूरा कार्यक्रम: केवल कुछ औपचारिकताओं के बाद कार्यक्रम खत्म करने की घोषणा कर दी गई, जिससे छात्रों को लगा कि उनकी मेहनत की कोई कीमत नहीं है।
- तिरस्कार के बाद डिग्री: छात्रों के भारी विरोध और हंगामे के बाद प्रशासन को झुकना पड़ा। आनन-फानन में डिप्टी सीएम और वाइस चांसलर को वापस बुलाया गया, तब जाकर छात्रों को उनकी डिग्रियां सौंपी गईं।
डिग्री हमारी मेहनत है, खैरात नहीं
सारा ने मंच से माइक पर सीधे शब्दों में कहा, “बेइज्जती करके इज्जत देने का शुक्रिया।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यह गुस्सा सिर्फ उनका व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि उन सभी 271 छात्रों और उनके अभिभावकों का है जिनका उस दिन अपमान हुआ।
नजरिया:
क्या वीआईपी प्रोटोकॉल छात्रों के भविष्य और उनके सम्मान से बड़ा है? एक पत्रकारिता विश्वविद्यालय, जो समाज को सच बोलने का पाठ पढ़ाता है, वहां के छात्र अगर अपने हक के लिए लड़ रहे हैं, तो यह व्यवस्था की बड़ी नाकामी है।
डिग्री मिली या अपमान?🎓
हरिदेव जोशी यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में छात्रा सारा का वीडियो वायरल। मंच से ही कह दिया- “बेइज्जती करके इज्जत देने का शुक्रिया!” जब अभिभावकों के सम्मान की बात आई, तो पत्रकारिता की छात्रा ने प्रशासन को आईना दिखा दिया। क्या डिग्री देना अब सिर्फ एक औपचारिकता रह गई है? अपनी राय कमेंट में बताएं।
जनहित में: उक्त रिपोर्ट छात्र हितों और लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है। किसी भी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह का मूल आधार उसके विद्यार्थी होते हैं। प्रशासन और अतिथियों के ‘प्रोटोकॉल’ से कहीं अधिक मूल्यवान उन छात्रों का संघर्ष है, जिन्होंने वर्षों मेहनत कर अपनी डिग्री हासिल की है। हम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और छात्रों के अधिकारों के पक्षधर हैं।



