
उत्तराखण्ड/ चमोली/ यूके साइबर न्यूज। उत्तराखण्ड के उच्च हिमालय क्षेत्रों और केदारनाथ में तापमान -10°C तक पहुंचना कड़ाके की ठंड का संकेत है। सरोवर और झरनों का जमना यह दर्शाता है कि ऊपरी क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति बाधित हो सकती है। मैदानी इलाकों में घने कोहरे के कारण दृश्यता कम हो गई है। देहरादून एयरपोर्ट पर उड़ानों का प्रभावित होना यह बताता है कि हवाई और सड़क मार्ग, दोनों पर यात्रा जोखिम भरी हो सकती है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए अगले कुछ दिन चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना बन रही है, जिसके कारण ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को राशन और ईंधन का स्टॉक रखने की सलाह दी जाती है। अत्यधिक ठंड के कारण हाइपोथर्मिया और श्वास संबंधी रोगों का खतरा बढ़ जाता है जिससे उन्हें बचाव का खास ख्याल रखना होगा। साथ ही यदि बहुत जरूरी न हो, तो कोहरे के दौरान देर रात या तड़के मैदानी इलाकों में वाहन न चलाएं। देहरादून के जॉली ग्रांट एयरपोर्ट जाने से पहले संबंधित एयरलाइन से अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक कर लें, क्योंकि घने कोहरे के कारण आजकल फ्लाइटों को रद्द किया जा रहा है या अधिकांश का समय बदल दिया जा रहा है। अगर आप पहाड़ी क्षेत्रों में हैं, तो पर्याप्त ऊनी कपड़े, हीटर और गर्म पानी का प्रबंध रखें, ताकि कड़ाके की ठंड से बचा जा सके।



