कविता
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🌸 UKCyberNews की ओर से फूलदेई की मंगळमयी शुभकामनाएँ! 🌸
🌿 चैत को मैना लगिगे, बुराँशै लाली छैगि डाँडों मा! 🌿 UK Cyber News के सभी श्रोताओं, पाठकों और समस्त…
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संसद से सड़क तक… अनवरत जारी है ‘धूमिल’ का सवाल”
ग़ज़ल (धूमिल-स्टाइल) रोटी यहाँ न कविता है, न कोई त्योहार है यह पेट का सवाल है, यह सीधा इन्कार है…
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आर्थिक एडवेंचर
शेरो 💥 तंज अभी कुछ बोल दूँ तो हंगामा तय है, इसलिए ख़ामोशी को ही बयान मान लिया। जो…
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पत्थरों की उम्र, सपनों की कीमत।
मैंने बचपन में देखा था इन पहाड़ों को जवान होते, नालों का पानी, बिना काम पूछे, मेरे पैरों तक आ…
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चुनाव से पहले जो दरवाज़ा-दरवाज़ा आते थे, वही बाद में जनता को पहचानना भूल जाते है।
जहाँ हक़ मांगना पड़े, वहाँ सब चुप हो जाते हैं, कुर्सी की गर्मी में लोग बड़े जल्दी पिघल जाते है।…
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“खामोशी की आवाज़”
लोग हर मोड़ पे रुक रुक के सँभलते क्यों हैं, इतना डरते हैं तो फिर घर से निकलते क्यों हैं।…
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मैं “केदार” हूँ…
।। मैं केदार हूँ।। वही, जिसके दरबार में हिमालय भी चरण छूकर खड़ा होता है, जहाँ हवाएँ मंत्रों का…
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