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डिजिटल अरेस्ट स्कैम: एक वीडियो कॉल, वर्दीधारी चेहरा और 18 लाख की उड़ान

‘आप डिजिटल अरेस्ट में हैं’—इस एक लाइन ने एक आम परिवार की जिंदगी भर की कमाई मिनटों में लुटा दी

पीड़ित की कहानी से शुरू होती सच्चाई:

दिल्ली के एक निजी स्कूल में काम करने वाले 48 वर्षीय रमेश कुमार के मोबाइल पर एक अनजान वीडियो कॉल आया। सामने एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में था, पीछे दीवार पर भारत सरकार का लोगो और फाइलों से भरा ऑफिस दिखाई दे रहा था।
कॉल करने वाले ने खुद को CBI अधिकारी बताया और कहा-
आपका आधार कार्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस में इस्तेमाल हुआ है। अभी आप डिजिटल अरेस्ट में हैं।”
रमेश घबरा गए। अधिकारी ने उन्हें धमकाया कि अगर उन्होंने किसी से बात की या कॉल काटी, तो तुरंत गिरफ्तारी होगी। डर के माहौल में उन्हें कई घंटों तक वीडियो कॉल पर ही बैठाए रखा गया। इसके बाद कहा गया कि-
जांच प्रक्रिया के लिए आपकी रकम एक सुरक्षित सरकारी खाते में जमा करनी होगी।”
डर और दबाव में रमेश ने
बैंक बैलेंस, एफडी और बच्चों की पढ़ाई के लिए रखे पैसे कुल 18 लाख रुपये बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दिए।
कॉल कटते ही मोबाइल स्विच ऑफ मिला।
तब जाकर उन्हें समझ आया—वो गिरफ्तारी नहीं, ठगी थी।

तेजी से फैलता नया साइबर जाल

साइबर क्राइम अधिकारियों के मुताबिक डिजिटल अरेस्ट स्कैम भारत में तेजी से फैल रहा है। इस ठगी में अपराधी कानून, वर्दी और डर का इस्तेमाल कर लोगों को मानसिक रूप से तोड़ देते हैं।

अपराधी आमतौर पर—
WhatsApp / Skype पर वीडियो कॉल करते हैं
पुलिस या एजेंसी की नकली पहचान दिखाते हैं
पीड़ित को अकेला और भयभीत रखते हैं
और “जांच खाते” के नाम पर पैसा ऐंठ लेते हैं

⚠️ कानूनी सच्चाई (जो हर नागरिक को जाननी चाहिए)
भारत के कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई प्रक्रिया नहीं
कोई भी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करती
पुलिस या जांच एजेंसी कभी पैसा ट्रांसफर नहीं कराती

🛡️ कैसे बचें इस ठगी से
ऐसी कॉल आते ही कॉल काट दें
डराने वाली बातों में बिल्कुल न आएं
परिवार के बुजुर्गों और युवाओं को सतर्क करें
तुरंत शिकायत करें:

📞 1930 | 🌐 cybercrime.gov.in

🧠 विशेषज्ञ चेतावनी
“जो अधिकारी डर दिखाकर पैसा मांगे, वह अधिकारी नहीं अपराधी है।”

डिस्क्लेमर:
यह समाचार जनहित और साइबर जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है। पात्रों के नाम पहचान की सुरक्षा हेतु बदले गए हैं। किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश की तुरंत आधिकारिक पुष्टि करें।

📰 न्यूज़ का सारांश:
डिजिटल अरेस्ट स्कैम के नाम पर साइबर ठग वीडियो कॉल के जरिए पुलिस और जांच एजेंसियों की नकली पहचान दिखाकर लोगों को डराते हैं और उनसे लाखों रुपये ट्रांसफर करवा लेते हैं। यह पूरी तरह फर्जी और गैरकानूनी है। नागरिकों से सतर्क रहने और ऐसे मामलों की तुरंत शिकायत करने की अपील की गई है।

UK Cyber News

Prem Padiyar

साइबर ठगी एवं डिजिटल अरेस्ट के कारण करोड़ों रुपयों की ठगी के मामले सामने आ रहे है, ये ठग अलग अलग माध्यम से लोगों को ठगते है। कभी पुलिस ऑफिसर बनकर, कभी कोरियर डिलीवरी बॉय बनकर, कभी बैंक कर्मचारी या कभी किसी सरकारी संस्थान के कर्मचारी बनकर, कभी ये राशन कार्ड / आधार कार्ड अपडेट तो कभी आयुष्मान कार्ड अपडेट के नाम पर लोगों को ठगते है, कभी मुसीबत में फंसे करीबी रिश्तेदार या दोस्त बनकर आमजन को ठगते हैं। इनसे बचने का एक मात्र तरीका जागरूकता है। इसके शिकार महिलाएं एवं बुजुर्ग ज्यादातर बनते है, हमारा उद्देश्य रहेगा कि समय समय पर आप लोगों तक साइबर क्राइम की जानकारी एवं सुरक्षा के उपाय पहुंचाया जाय, जिससे हर आदमी साइबर ठगी का शिकार होने से बच सके और अपनी गाढ़ी कमाई को बचा सके, साथ ही हमारी कोशिश रहेगी कि देश दुनिया की तमाम खबरें आप तक पहुंचाई जा सके।

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Report By UK Cyber News