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एंटीबायोटिक बम पर बैठा भारत: बिना पर्ची दवाएं, बेअसर इलाज और WHO की खौफनाक चेतावनी

बिना पर्ची बिकती दवाएं, अधूरा इलाज और लापरवाही से बढ़ता Antibiotic Resistance भारत के लिए बन रहा सबसे बड़ा स्वास्थ्य संकट

नई दिल्ली।

भारत एक मेडिकल टाइम बम पर बैठा है। जिस एंटीबायोटिक ने दशकों तक जानें बचाईं, वही अब गलत इस्तेमाल के कारण खुद बेअसर होती जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की चेतावनी साफ है अगर एंटीबायोटिक का अंधाधुंध उपयोग नहीं रुका, तो आने वाले वक्त में मामूली संक्रमण भी मौत का कारण बन सकता है।

बिना पर्ची, बिना डर — खुलेआम बिक रहीं दवाएं

नियमों के बावजूद देश के कई हिस्सों में मेडिकल स्टोर आज भी डॉक्टर की पर्ची के बिना एंटीबायोटिक बेच रहे हैं। सर्दी-खांसी, वायरल बुखार और सामान्य दर्द में लोग खुद ही दवा शुरू कर देते हैं—बिना जांच, बिना सलाह।

जब दवा ही बीमारी बन जाए

विशेषज्ञों के मुताबिक यही लापरवाही बैक्टीरिया को दवाओं से लड़ने की ताकत दे रही है।

नतीजा-

दवाएं काम नहीं कर रहीं
इलाज लंबा और महंगा हो रहा है
संक्रमण ज्यादा खतरनाक बन रहे हैं

WHO की सख्त चेतावनी

WHO साफ कह चुका है कि दुनिया अब Antibiotic Resistance के खतरनाक दौर में प्रवेश कर चुकी है। भारत, जहां एंटीबायोटिक की खपत पहले ही बहुत अधिक है, वहां हालात और भी चिंताजनक हैं।
खेत से अस्पताल तक एंटीबायोटिक सिर्फ इंसान ही नहीं, बल्कि पशुपालन और खेती में भी एंटीबायोटिक का बेतहाशा इस्तेमाल हो रहा है। यही दवाएं भोजन के ज़रिये इंसानी शरीर में पहुंचकर धीमे ज़हर की तरह असर कर रही हैं।

तकनीक आगे, समझ पीछे

हालांकि मेडिकल साइंस अब गंभीर बीमारियों की पहचान तेज़ी से कर पा रहा है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं तकनीक से ज़्यादा ज़रूरी है समझ और ज़िम्मेदारी।
जान बचाने के लिए ज़रूरी कदम एंटीबायोटिक सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर लें वायरल बीमारियों में इनसे दूर रहें,दवा का पूरा कोर्स बीच में न छोड़ें बची हुई दवा दोबारा इस्तेमाल न करें।

अंतिम चेतावनी अगर आज एंटीबायोटिक पर लगाम नहीं लगी, तो कल अस्पतालों में दवा नहीं, सिर्फ बेबसी बचेगी।

डिस्क्लेमर
यह सामग्री केवल जागरूकता के उद्देश्य से है। बिना चिकित्सकीय परामर्श एंटीबायोटिक या किसी भी दवा का सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हो सकता है। पाठक स्वयं दवा लेने से पहले योग्य चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।

 

UK Cyber News

Prem Padiyar

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Report By UK Cyber News