कठघरे में HPV वैक्सीन: डॉ. बिस्वरूप रॉय चौधरी के आरोपों ने खड़े किए सवाल, जानिए क्या कहता है विज्ञान?
एक तरफ कैंसर से जंग, दूसरी तरफ 'इनफर्टिलिटी' का डर। ग्लोबल मेडिकल डेटा और एक्सपर्ट्स की राय के साथ देखिए यह निष्पक्ष विश्लेषण।

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जैसा कि आजकल देखने को मिल रहा है, सोशल मीडिया पर डॉ. बिस्वरूप रॉय चौधरी का एक वीडियो तेजी से वायरल है, जिसमें वे दावा कर रहे हैं कि HPV वैक्सीन बेटियों को बांझ (Infertile) बनाने की एक बड़ी साजिश है। आरोप बेहद गंभीर हैं, इसलिए हमारी टीम ने इसकी तह तक जाने के लिए दुनिया भर के मेडिकल जर्नल्स और स्वास्थ्य संगठनों के डेटा को खंगाला है। आज हम आपको दिखाएंगे कि विज्ञान और आंकड़े इस बारे में क्या कहते हैं।
देखें वीडियो क्या कहते है:- डॉ बिस्वरूप रॉय चौधरी
डॉ. बिस्वरूप के दावे बनाम वैश्विक प्रमाण (The Evidence)
जब हमने डॉ. चौधरी के दावों की तुलना अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय डेटा से की, तो ये तथ्य सामने आए:
- आरोप: “यह वैक्सीन बांझपन पैदा करती है।”
- वैज्ञानिक प्रमाण (The Lancet & CDC): दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल पत्रिका ‘The Lancet’ और अमेरिकी संस्था CDC के 15 साल के डेटा (2006-2021) के अनुसार, करोड़ों महिलाओं को यह वैक्सीन दी जा चुकी है। रिसर्च में पाया गया कि वैक्सीन लगवाने वाली महिलाओं में गर्भधारण की दर (Pregnancy Rate) उतनी ही सामान्य है जितनी कि वैक्सीन न लगवाने वालों में। इसमें बांझपन का कोई लिंक नहीं मिला है।
- WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) का पक्ष: WHO की Global Advisory Committee on Vaccine Safety (GACVS) ने इस वैक्सीन की कई बार समीक्षा की है और इसे ‘बेहद सुरक्षित’ (Extremely Safe) करार दिया है।
भारत का पक्ष: ICMR और स्वास्थ्य मंत्रालय
”अगर हम अपने देश की बात करें, तो भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने लंबी जांच के बाद ही स्वदेशी वैक्सीन ‘Cervavac’ को मंजूरी दी है।
- भारत में हर साल लगभग 75,000 महिलाएं सर्वाइकल कैंसर से जान गंवाती हैं।
- आंकड़े बताते हैं कि यह कैंसर 99% मामलों में HPV वायरस की वजह से होता है, जिसे यह वैक्सीन जड़ से रोक सकती है।”
सकारात्मक बनाम नकारात्मक तथ्य (Full Transparency)
एक निष्पक्ष पोर्टल के तौर पर हम दोनों पहलुओं को सामने रख रहे हैं:
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पक्ष (Pros) |
विपक्ष/जोखिम (Cons) |
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90% सुरक्षा: यह वैक्सीन कैंसर पैदा करने वाले मुख्य HPV स्ट्रेन्स को रोकती है। |
सामान्य साइड इफेक्ट्स: टीका लगने वाली जगह पर हल्का दर्द, सूजन या लालिमा होना स्वाभाविक है। |
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प्रमाणित डेटा: ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में इस वैक्सीन की मदद से सर्वाइकल कैंसर खत्म होने की कगार पर है। |
मामूली बुखार: कुछ बच्चों को 24 घंटे के लिए हल्का बुखार या सिरदर्द हो सकता है। |
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भविष्य की बचत: कैंसर के महंगे और दर्दनाक इलाज से बेहतर है समय पर टीकाकरण। |
दुर्लभ एलर्जी: जैसा कि हर दवा के साथ होता है, लाखों में किसी एक को गंभीर एलर्जी (Anaphylaxis) हो सकती है। |
क्या डॉ. बिस्वरूप की बात में दम है?
”पड़ताल का निचोड़ यह है कि डॉ. बिस्वरूप रॉय चौधरी के पास अपने दावों को साबित करने के लिए कोई भी Peer-Reviewed (वैज्ञानिकों द्वारा जांची गई) रिसर्च पेपर या डेटा मौजूद नहीं है। उनके दावे केवल एक ‘थ्योरी’ और ‘कहानी’ पर आधारित हैं। वहीं दूसरी ओर, दुनिया भर के हज़ारों ऑन्कोलॉजिस्ट (कैंसर डॉक्टर) और गायनेकोलॉजिस्ट (स्त्री रोग विशेषज्ञ) इस वैक्सीन की सिफारिश करते हैं क्योंकि उन्होंने कैंसर से महिलाओं को मरते देखा है।”
क्लोजिंग
”UK Cyber News का उद्देश्य आपको डराना नहीं, बल्कि जागरूक करना है। हमने आपको WHO, ICMR और The Lancet जैसे विश्वसनीय स्रोतों का डेटा दिया है। हमारी सलाह है कि किसी भी वायरल वीडियो के झांसे में आने के बजाय अपने डॉक्टर से बात करें और अपनी बेटी के स्वास्थ्य का सही फैसला लें।
सत्यता की जाँच के लिए आधिकारिक रिपोर्ट्स यहाँ देखें:
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) – HPV वैक्सीन सुरक्षा रिपोर्ट: https://www.who.int/teams/immunization-vaccines-and-biologicals/vaccine-safety/advisory-committee-on-vaccine-safety/topics/hpv-vaccines
- द लांसेट (The Lancet) – वैक्सीन के प्रभाव पर 15 साल की स्टडी: https://www.thelancet.com/journals/lanonc/article/PIIS1470-2045(21)00577-5/fulltext
- सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (CDC) – वैक्सीन और प्रजनन क्षमता (Fertility) पर तथ्य: https://www.cdc.gov/hpv/parents/vaccine-safety-evaluation.html
भारत सरकार (National Health Portal) – सर्वाइकल कैंसर और टीकाकरण: https://www.nhp.gov.in/disease/gynaecology-and-obstetrics/cervical-cancer
डिस्क्लेमर (UK Cyber News):
यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे डॉ. बिस्वरूप रॉय चौधरी के वीडियो और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थानों (WHO, CDC, The Lancet) द्वारा उपलब्ध कराए गए वैज्ञानिक आंकड़ों के तुलनात्मक विश्लेषण पर आधारित है। ‘UK Cyber News’ किसी भी दावे की निजी तौर पर पुष्टि नहीं करता है। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी निर्णय से पहले अपने चिकित्सक (Gynecologist/Oncologist) से सलाह अवश्य लें। हमारा उद्देश्य केवल सूचनात्मक है। ऊपर दिए गए लिंक्स के माध्यम से आप स्वयं तथ्यों की जाँच कर सकते हैं।



