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मानव तस्करी और साइबर क्राइम बन रही है सरदर्दी।

जितनी तेजी से दुनिया डिजिटल होती जा रही है, उतनी ही तेजी से अपराध भी बढ़ते जा रहे है।

मानव तस्करी (Human Trafficking) और साइबर क्राइम वर्तमान में संगठित अपराध के सबसे खतरनाक स्वरूप बन चुके हैं। हाल के दिनों में विशेष कार्य बल (STF) और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों ने इन दोनों अपराधों के बीच एक गहरा और डरावना संबंध पाया है। आपके साथ कुछ जानकारी साझा करते है:

1. साइबर गुलामी (Cyber Slavery): 

हाल ही में STF ने खुलासा किया है कि मानव तस्करी अब केवल शारीरिक शोषण या बंधुआ मजदूरी तक सीमित नहीं है। अब “साइबर गुलामी” के मामले बढ़ रहे हैं।

युवाओं को विदेश (विशेषकर कंबोडिया, म्यांमार, लाओस और वियतनाम) में ‘डेटा एंट्री’ या ‘IT सपोर्ट’ की ऊंची तनख्वाह वाली नौकरी का झांसा देकर बुलाया जाता है। वहां पहुँचते ही उनके पासपोर्ट छीन लिए जाते हैं और उन्हें बंधक बनाकर भारतीयों से ही साइबर ठगी (जैसे- शेयर बाजार घोटाले, निवेश धोखाधड़ी) करने के लिए मजबूर किया जाता है। उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों की STF ने हाल ही में ऐसे कई अंतरराष्ट्रीय गिरोहों का भंडाफोड़ किया है जो टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए युवाओं को फंसाते थे।

2. डार्क वेब और डिजिटल भुगतान

तस्कर अब पारंपरिक तरीकों के बजाय तकनीक का सहारा ले रहे हैं, जिससे उन्हें पकड़ना चुनौतीपूर्ण हो गया है, पीड़ितों की “रेटिंग” और “खरीद-बिक्री” के लिए डार्क वेब के गुप्त मंचों का उपयोग किया जा रहा है। लेन-देन के लिए अब नकद के बजाय USDT (Tether) या Bitcoin जैसी क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग हो रहा है ताकि बैंक ट्रेल से बचा जा सके। STF ने पाया है कि मानव तस्करी के लिए इस्तेमाल होने वाले कॉल सेंटर फर्जी पतों पर लिए गए हजारों सिम कार्ड्स और ‘म्यूल अकाउंट्स’ (किराये के बैंक खाते) का उपयोग करते हैं।

3. STF के हालिया सुरक्षा कदम और अपडेट्स

इन खतरों से निपटने के लिए STF ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है, बच्चों की गुमशुदगी को ट्रैक करने और उन्हें साइबर-तस्करी के चंगुल से बचाने के लिए निरंतर अभियान चलाया जा रहा है जिसको ऑपरेशन मुस्कान नाम दिया गया है। कंबोडिया और थाईलैंड जैसे देशों से भारतीय पीड़ितों को वापस लाने के लिए इंटरपोल के साथ मिलकर ‘ब्लू कॉर्नर’ नोटिस का उपयोग।   फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्मों की लगातार मॉनिटरिंग कर ‘फर्जी जॉब कंसल्टेंसी’ के विज्ञापनों पर STF की साइबर विंग पैनी नजर रख रही है। डिजिटल फुटप्रिंट एनालिसिस तस्करी के शिकार लोगों के अंतिम डिजिटल लोकेशन को ट्रैक करने के लिए उन्नत AI टूल्स का उपयोग किया जा रहा है।

4. बचाव के उपाय (STF की सलाह)

  • यदि कोई विदेशी कंपनी बिना किसी औपचारिक इंटरव्यू के मोटी सैलरी दे रही है, तो सावधान रहें।
  •  किसी भी अनधिकृत एजेंट या कंपनी को अपना मूल पासपोर्ट कभी न सौंपें।
  •  विदेश जाने से पहले संबंधित देश के भारतीय दूतावास या e-Migrate पोर्टल के माध्यम से कंपनी की वैधता जांचें।
  •  किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट 1930 (साइबर हेल्पलाइन) या 112 पर तुरंत करें।

“सही जानकारी और सजगता में ही सुरक्षा है।”

UK Cyber News

Prem Padiyar

साइबर ठगी एवं डिजिटल अरेस्ट के कारण करोड़ों रुपयों की ठगी के मामले सामने आ रहे है, ये ठग अलग अलग माध्यम से लोगों को ठगते है। कभी पुलिस ऑफिसर बनकर, कभी कोरियर डिलीवरी बॉय बनकर, कभी बैंक कर्मचारी या कभी किसी सरकारी संस्थान के कर्मचारी बनकर, कभी ये राशन कार्ड / आधार कार्ड अपडेट तो कभी आयुष्मान कार्ड अपडेट के नाम पर लोगों को ठगते है, कभी मुसीबत में फंसे करीबी रिश्तेदार या दोस्त बनकर आमजन को ठगते हैं। इनसे बचने का एक मात्र तरीका जागरूकता है। इसके शिकार महिलाएं एवं बुजुर्ग ज्यादातर बनते है, हमारा उद्देश्य रहेगा कि समय समय पर आप लोगों तक साइबर क्राइम की जानकारी एवं सुरक्षा के उपाय पहुंचाया जाय, जिससे हर आदमी साइबर ठगी का शिकार होने से बच सके और अपनी गाढ़ी कमाई को बचा सके, साथ ही हमारी कोशिश रहेगी कि देश दुनिया की तमाम खबरें आप तक पहुंचाई जा सके।

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Report By UK Cyber News